अभोगि राग कीर्तनम् – चन्द्रशेखर गुण

शिव शिवा हरा हरा

मा दसा मा दसा

चन्द्रशेखर गुणानुकीर्तनम् सम्भवेदनुदिनम्

मादसाससदमादसास सद मादसासरिदसा

नीलकंठ शुभपाद सेवनम् मोचयेत दुरितम्

दासरीरिरिस दास रीरिरिस दासरी रिगसरी

कालकालमनु चिन्तयामि शिवसन्ततिं दिशतु मे

रीमगारिसस सागरीसदा दारिसाद मदसा

साम्बमूर्तिमिह संस्मरामि भवमुक्तिरस्तु परमा

रीमगारिसस सागरीसदा दारिसाद मदसा